घरघोड़ा के पूर्व एसडीएम,पटवारी के विरुद्ध अपराध दर्ज का आदेश,फर्जी तरीके से जमीन नामांतरण का मामला

By Anuj Gupta - EDITOR IN CHIEF
6 Min Read

SDM मार्बल एवं पटवारी नेताम पर Fir का आदेश

घरघोड़ा के पूर्व एस0डी0एम0 अशोक मार्बल और पटवारी परमेश्वर नेताम के विरुद्ध अदालत ने भारतीय दण्ड विधान की धारा 420, 419, 467, 468, 471 एवं 120 बी का अपराध दर्ज करने का दिया आदेश।IMG 20251126 WA0016



मिश्रा चेम्बर रायगढ़ के सीनियर वकील अशोक कुमार-आशीष कुमार मिश्रा ने प्रकरण में पेश किया था तर्क
घरघोड़ा !

रायगढ़।वर्ष 2018 में घरघोड़ा में एस0डी0एम0 के रूप में पदस्थ अशोक कुमार मार्बल और पटवारी परमेश्वर नेताम सहित दो अन्य के विरुद्ध भारतीय दण्ड विधान की धारा 420, 419, 467, 468, 471 एवं 120 बी का अपराध दर्ज कर विवेचना करने का आदेश न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी घरघोड़ा माननीय दामोदर प्रसाद चन्द्रा द्वारा थाना प्रभारी लैलुंगा को दिया गया है ।
यह आदेश लैलुंगा निवासी अशोक कुमार अग्रवाल की ओर से दायर क्रीमिनल कम्पलेन्ट फाइलिंग नंबर 714/2024 में उनके वकील की हैसियत से मिश्रा चेम्बर रायगढ़ के सीनियर एडवोकेट अशोक कुमार मिश्रा-आशीष कुमार मिश्रा का तर्क सुनने के बाद अदालत ने पारित किया ।
इस मामले का संक्षिप्त विवरण यह है कि एस0डी0एम0 अशोक कुमार मार्बल एवं पटवारी परमेश्वर नेताम ने ग्राम-झींकाबहाल में जिन्दल पावर एण्ड स्टील लिमिटेड की भूमि खसरा नंबर 208 रकबा 0.773 हेक्टेयर के संबंध में राजस्व रेकार्ड में हेराफेरी और कूटरचना करके इस भूमि का स्वामी बिहारी पटेल को दर्शाते हुए ऋण पुस्तिका क्रमांक P-1318403 तैयार किया एवं खसरा, बी-। में भी बिहारी पटेल को मालिक होना दर्शाया जिसके बाद इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बिहारी पटेल ने दिनांक 23/01/2018 को 11,84,000/-रू. में उक्त जमीन लैलुंगा के व्यापारी अशोक कुमार अग्रवाल के पक्ष में बेच दिया जिसकी रजिस्ट्री भी उक्त फर्जी कागजातों के आधार पर हो गई ।

आश्चर्य की बात है कि खरीददार अशोक कुमार अग्रवाल के पक्ष में जमीन बिक जाने पर उसके नाम पर इन राजस्व अधिकारियों ने फर्जी नामातंरण भी कर दिया और फर्जी ऋण पुस्तिका नंबर P-2551631 जारी कर दिया ।
खरीददार अशोक कुमार अग्रवाल ने दिनांक 15/09/2023 को जब आनलाइन दस्तावेज निकाला, तब उक्त भूमि वेणूधर वल्द ईश्वर के नाम पर दर्ज होना दिखाई दी । इसके बाद जब खरीददार ने और भी बारीकी से छान-बीन किया, तब उसे पता चला कि वर्ष 2017 के खसरा में उक्त जमीन जिन्दल पावर लिमिटेड के नाम पर दर्ज है तथा विक्रेता बिहारी पटेल के नाम पर यह जमीन कभी भी दर्ज नहीं रही है लेकिन एस0डी0एम0 मार्बल और पटवारी परमेश्वर ने फर्जी खसरा-बी । एवं फर्जी ऋण पुस्तिका बनाकर बिहारी पटेल को इस जमीन का मालिक होना दर्शाकर उससे यह जमीन खरीददार अशोक अग्रवाल को ठगने के लिये बिकवा दिया एवं अशोक अग्रवाल को ठगने के लिये उसके नाम पर फर्जी नामातंरण करते हुए फर्जी ऋण पुस्तिका भी बना दिया ।
जब इस मामले की रिपोर्ट थाना लैलुंगा में की गई और एस0पी0 रायगढ़ से की गई, तो अपराधियों के विरुद्ध F.I.R. करने में पुलिस विभाग के हाथ पांव फूल गए क्योंकि अपराधियों का मास्टरमाइंड अशोक मार्बल खुद ही एक प्रशासनिक अधिकारी है लिहाजा पीड़ित खरीददार न्याय की आस लगाकर अपनी फरियाद लेकर न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी घरघोड़ा माननीय दामोदर प्रसाद चन्द्रा की अदालत में गया, जहां पीड़ित को न्याय दिलाने के लिये मिश्रा चेम्बर रायगढ़ के सीनियर वकील अशोक कुमार-आशीष कुमार मिश्रा ने पीड़ित के वकील की हैसियत से उपस्थित होकर तर्क किया ।
अदालत ने प्रकरण में तर्क सुनने और पूरे प्रकरण के दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद लगभग 8 पृष्ठों में आदेश लिखकर थानेदार लैलुंगा को निर्देशित किया कि वे एस0डी0एम0 अशोक कुमार मार्बल, पटवारी परमेश्वर नेताम, जमीन विक्रेता बिहारी पटेल और विक्रय पत्र के गवाह सुरेन्द्र गुप्ता के विरुद्ध भारतीय दण्ड विधान की धारा 420, 419, 467, 468, 471, 120 बी का अपराध दर्ज कर विवेचना करें एवं अभियोग पत्र/अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में दाखिल करें ।
यह आदेश पारित होने पर पीड़ित ने इसे न्याय और सत्य की जीत की संज्ञा देते हुए कहा कि उसे पूरा भरोसा था कि उसे अदालत के अलावा कहीं और से न्याय मिल ही नहीं सकता है इसलिये वह फरियाद लेकर अदालत गया था ।
पीड़ित के वकील सीनियर एडवोकेट अशोक कुमार-आशीष कुमार मिश्रा ने न्यायालय के इस आदेश पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अदालत का यह आदेश भ्रष्टाचार में आकण्ठ डूबे प्रशासनिक अधिकारियों के लिये एक संदेश है और इस आदेश से साफ झलकता है कि कानून की नजर में सब समान हैं एवं उच्च प्रशासनिक अधिकारी होने के आधार पर अपराध करने की छूट किसी को नहीं मिल सकती है ।

Share This Article
EDITOR IN CHIEF
Follow:
SARTHAK NEWS CG