रायगढ़ तमनार। रायगढ़ जिले के तमनार मुख्यालय में स्थित बरभाठा दुर्गा समिति ने माता की मूर्ति का भव्य स्वागत किया।दुर्गा पूजा का इतिहास बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव है, जिसकी उत्पत्ति हिंदू पौराणिक कथाओं में महिषासुर नामक राक्षस के वध से हुई है, जिसे देवी दुर्गा ने हराया था। देवताओं की प्रार्थना पर माँ दुर्गा ने जन्म लिया और नौ दिनों तक महिषासुर से युद्ध करने के बाद उसका वध किया। यह जीत नवरात्रि के रूप में मनाई जाती है, और कालांतर में इसका विकास वर्तमान दुर्गा पूजा के रूप में हुआ।
तमनार में पांच स्थानों में विराजमान हुई मां दुर्गा
तमनार के पावन धरा पर मां दुर्गा पांच स्थानों में विराजमान होती है जिसमें बरभाठा चौक दुर्गा समिति, इंद्रानगर दुर्गा समिति, सर्वोदय नवयुवक मंडल पटनायक मोहल्ला, बस स्टैंड तमनार व बाजार पारा समिति द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी धूम धाम से नवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है, जहां सर्वोदय नवयुवक मंडल पटनायक मोहल्ला में पूरे नौ दिन मां दुर्गा की पूजा अर्चना होती है बाकी चार स्थानों में सप्तमी के दिन कलश यात्रा निकाल कर मां दुर्गा की स्थापना होती है। यह परंपरा कई वर्षों से चलती आ रही है। आज माता की मूर्ति का भव्य स्वागत बरभाठा समिति व बस स्टैंड तमनार समिति द्वारा किया गया जिसकी अद्भुत झलकियां वीडियो के माध्यम से आप देख सकते हैं।
बरभाठा समिति की माता का भव्य स्वागत
बस स्टैंड तमनार में माता का भव्य स्वागत

