रायगढ़ सरकारी स्कूल के मिड डे भोजन में मिला कीड़ा: हेड मास्टर को नोटिस, घरघोड़ा का मामला

By Anuj Gupta - EDITOR IN CHIEF
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रायगढ़। घरघोड़ा क्षेत्र से एक सनसनीखेज़ मामला सामने आया है। यहां  सरकारी स्कूल में बच्चों को दिए जाने वाले मिड डे भोजन में कीड़े पाए गए। इसे लेकर स्कूल के हेडमास्टर को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस का जवाब उन्हें 3 दिन के भीतर देना है।


हमारे हाथ लगे एक नोटिस के अनुसार, विकासखंड शिक्षा अधिकारी घरघोड़ा  संतोष सिंह ने माध्यमिक शाला फगुरम के प्रधान पाठक को शोकॉज नोटिस जारी किया है। उनके निरीक्षण के दौरान बच्चों की मध्यान्ह भोजन की थालियों में कीड़े पाए गए। इस पर प्रधान पाठक को 3 दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है।

इसके साथ ही स्कूल की साफ सफाई और व्यवस्था को लेकर भी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने भारी कमियां पाई है। नोटिस में इसका भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।

बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़
घरघोड़ा एक अनुसूचित क्षेत्र है, जहाँ बड़ी संख्या में आदिवासी व गरीब परिवारों के बच्चे सरकारी स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। आँकड़े बताते हैं कि यहाँ तकरीबन 90% बच्चे गरीब परिवारों से आते हैं, और उनके लिए मध्यान्ह भोजन केवल पेट भरने का साधन ही नहीं, बल्कि स्कूल आने का एक प्रमुख आकर्षण भी होता है।

इन बच्चों की थाली में कीड़े निकलना केवल भोजन की गुणवत्ता का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। यह उस विश्वास को भी तोड़ता है, जिसके सहारे  अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूल भेजते हैं।


घरघोड़ा एक अनुसूचित क्षेत्र है, जहाँ बड़ी संख्या में आदिवासी व गरीब परिवारों के बच्चे सरकारी स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। आँकड़े बताते हैं कि यहाँ तकरीबन 90% बच्चे गरीब परिवारों से आते हैं, और उनके लिए मध्यान्ह भोजन केवल पेट भरने का साधन ही नहीं, बल्कि स्कूल आने का एक प्रमुख आकर्षण भी होता है।

इन बच्चों की थाली में कीड़े निकलना केवल भोजन की गुणवत्ता का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। यह उस विश्वास को भी तोड़ता है, जिसके सहारे  अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूल भेजते हैं।

अधिकारियों के दौरे मगर व्यवस्था जस की तस

घरघोड़ा क्षेत्र में लगातार नव-नियुक्त एसडीएम और बीईओ का स्कूल-स्कूल दौरा जारी है। तस्वीरें खिंचवाई जाती हैं, बैठकें होती हैं, भाषण दिए जाते हैं कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधर रही है। लेकिन असल हकीकत यह है कि इन दौरों और निर्देशों का असर सिर्फ़ फाइलों तक सीमित रह गया है।

ब्यूरो रिपोर्ट

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