तमनार दोहरा हत्याकांड: पुरानी रंजिश में राघुवन और उद्धव को मौत के घाट उतारने वाले 4 आरोपियों को उम्रकैद, कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला!

By Anuj Gupta - EDITOR IN CHIEF
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तत्कालीन टीआई आशीर्वाद राहटगांवकर की पुख्ता विवेचना से मिला न्याय।

ग्राम गोढ़ी में सनसनीखेज वारदात: हत्या के बाद शव को सड़क पर घसीटकर एक्सीडेंट का रूप देने की रची गई थी साजिश। तत्कालीन एसडीओपी दीपक मिश्रा और टीआई आशीर्वाद राहटगांवकर की पुख्ता विवेचना से मिला न्याय।

रायगढ़/तमनार। तमनार थाना क्षेत्र के चर्चित दोहरे हत्याकांड में विशेष न्यायालय (एससीएसटी एक्ट) रायगढ़ ने ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाते हुए चारों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साल 2023 में पुरानी रंजिश के चलते दो लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी, जिसे एक्सीडेंट दिखाने की नापाक कोशिश भी की गई थी। अदालत के इस फैसले से इलाके में चर्चाएं तेज हो गई हैं।



क्या थी पूरी घटना?
अभियोजन के मुताबिक, यह खौफनाक घटना 19 जुलाई 2023 की रात लगभग 10:30 बजे ग्राम गोढ़ी (थाना तमनार) की है। पुरानी रंजिश के कारण आरोपियों ने पूर्व नियोजित षड्यंत्र के तहत अनुसूचित जनजाति वर्ग के राघुवन चौहान और उद्धव चौहान पर टांगी, डंडे और अन्य कठोर हथियारों से ताबड़तोड़ जानलेवा हमला कर दिया था। इस हमले में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी।

हत्या को ‘सड़क दुर्घटना’ बनाने की शातिर साजिश
हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए एक मृतक के शव को घसीटकर मुख्य सड़क तक पहुँचा दिया था, ताकि मामला सड़क हादसे (एक्सीडेंड) का लगे। लेकिन तमनार पुलिस ने मौके की नजाकत को भांपते हुए तत्काल हत्या का मामला दर्ज कर बारीकी से जांच शुरू कर दी थी।

पुलिस की पुख्ता विवेचना और मजबूत पैरवी

इस दोहरे हत्याकांड की परतें उघाड़ने में पुलिस अधिकारियों ने अहम भूमिका निभाई।

प्रारंभिक जांच: तत्कालीन थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर ने घटनास्थल का मुआयना कर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए और हथियारों की बरामदगी की।
अग्रिम अनुसंधान: एससीएसपी (SC/ST) एक्ट के प्रावधानों के तहत तत्कालीन एसडीओपी धरमजयगढ़  दीपक मिश्रा ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान (धारा 164) दर्ज कराए और सुदृढ़ अभियोग पत्र तैयार किया।
अदालत में दलीलें: राज्य शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्री राजीव बेरीवाल ने दमदार पैरवी की। अदालत में कुल 22 गवाहों के बयान, 81 दस्तावेजी सबूत और 20 भौतिक साक्ष्य पेश किए गए।
इन चार आरोपियों को हुई उम्रकैद
विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) पीठासीन अधिकारी श्रीमती शोभना कोष्ठा की अदालत ने तमाम साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर चारों आरोपियों को आईपीसी की धारा 302/120-बी, 201/120-बी और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत दोषी करार दिया। प्रत्येक आरोपी को दो-दो आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई है:

1.हरिलाल उराँव (33 वर्ष) – निवासी गोढ़ी, तमनार
2.मुकेश पडिहारी (41 वर्ष) – निवासी गोढ़ी, तमनार
3.जितेन्द्र पटनायक उर्फ जीतू (34 वर्ष) – निवासी गोढ़ी, तमनार
4.गणेश पडिहारी (35 वर्ष) – निवासी गोढ़ी, तमनार
एसएसपी रायगढ़ श्री शशि मोहन सिंह के निर्देश पर गंभीर मामलों में वैज्ञानिक और तथ्यपरक विवेचना का ही परिणाम है कि अपराधियों को अदालत से कड़ी सजा दिलाई जा सकी है।

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