रायगढ़ तमनार।जिले में कोयला खदानों के लिए मशहूर तमनार की धरती एक बार फिर सुलग उठी है। गारे पेलमा सेक्टर-1 की स्थापना को लेकर 8 दिसंबर 2025 को हुई जनसुनवाई को ग्रामीणों ने “प्रशासनिक छलावा” करार देते हुए अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। प्रभावित 14 गांवों के सरपंचों और जनता ने सी.एच.पी. चौक, लिबरा में अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी (चक्काजाम) की शुरुआत कर दिया है।
*शासन-प्रशासन पर गंभीर आरोप*
“सुनवाई नहीं, नाटक हुआ” – एसडीएम घरघोड़ा को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्र में साफ शब्दों में लिखा गया है कि 8 दिसंबर को हाई स्कूल मैदान में आयोजित जनसुनवाई में जनता को धोखा दिया गया।
प्रशासन ने तय जगह के बजाय अन्यत्र (फर्जी सुनवाई) कराई। पुलिस बल का प्रयोग करके आम प्रभावित जनता को कार्यक्रम में शामिल होने से रोका गया।
कंपनी के कर्मचारियों, ठेकेदारों और चुनिंदा समर्थकों को माइक थमाकर मनमानी रिपोर्ट तैयार की गई। जिसके विरोध में 14 गांव के प्रभावित लोगों द्वारा सी एच पी चौक लिबरा में आर्थिक नाकेबंदी कर चक्का जाम में हजारों ग्रामीण सड़क में बैठकर अहिंसात्मक रूप से जनसुनवाई निरस्त की मांग को लेकर बैठे हुए हैं। आईए जानते हैं प्रभावित गांवों के सरपंच क्या कहते हैं।
अनुज गुप्ता के साथ सुमित श्रीवास की खास रिपोर्ट


